अष्टकवर्ग कैलकुलेटर
सारे बारह राशि के SAV बिंदु का जोड़ हमेशा 337 होता है — यह गणित का नियम है, संयोग नहीं। इसीलिए किसी भी अष्टकवर्ग पर यह जोड़ पहली जाँच है: 337 न आए तो वहाँ कुछ ग़लत है।
यह कैलकुलेटर क्या बताता है
यह आपका सर्वाष्टकवर्ग (SAV) और हर ग्रह का भिन्नाष्टकवर्ग (BAV) निकालता है — यानी हर राशि को कितने बिंदु मिले। अष्टकवर्ग वह तरीका है जो “अच्छा-बुरा” को गिनती में बदल देता है।
हिसाब कैसे होता है
सात ग्रह और लग्न — कुल आठ — में से हर एक दूसरों को कुछ निश्चित स्थानों पर एक बिंदु देता है। हर ग्रह का अपना नियम है, और वह शास्त्र में तय है। सब ग्रहों के बिंदु जोड़ने पर सर्वाष्टकवर्ग बनता है। इसकी जाँच आसान है: बारह राशि के SAV बिंदु का जोड़ हमेशा 337 होता है। जोड़ न मिले तो गणना ग़लत है।
नतीजा कैसे पढ़ें
जिस राशि में बिंदु ज़्यादा हैं वह क्षेत्र आम तौर पर सहज चलता है; जहाँ कम हैं वहाँ मेहनत ज़्यादा लगती है। 28 से ऊपर को मज़बूत और 25 से नीचे को कमज़ोर माना जाता है। ये बिंदु गोचर पढ़ते समय सबसे ज़्यादा काम आते हैं — ख़ास कर शनि और गुरु के गोचर में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
337 का जोड़ क्यों?
क्योंकि हर ग्रह के देने वाले बिंदु की संख्या शास्त्र में तय है, और उनका कुल जोड़ स्थिर है। इसीलिए यह एक अच्छी जाँच है — कोई भी कैलकुलेटर ग़लत हो तो यहीं पकड़ा जाता है।
BAV और SAV में क्या अंतर है?
BAV एक ग्रह का अपना बिंदु-चार्ट है। SAV सातों का जोड़। किसी एक ग्रह का गोचर देखना हो तो उसका BAV, और पूरा चित्र देखना हो तो SAV।
कितने बिंदु अच्छे माने जाते हैं?
आम मान्यता: 28+ मज़बूत, 25 से कम कमज़ोर। पर यह आँकड़ा अकेला नहीं पढ़ा जाता — ग्रह की हालत और दशा भी साथ देखनी होती है।
