काल सर्प दोष कैलकुलेटर
पूरा काल सर्प तब बनता है जब सातों ग्रह राहु और केतु के एक ही तरफ़ आ जाएँ। एक भी बाहर हो तो वह आंशिक है — और उसका असर पूरे जैसा नहीं माना जाता।
यह कैलकुलेटर क्या बताता है
यह जाँचता है कि आपकी कुंडली में काल सर्प योग पूरा है, आंशिक है, या है ही नहीं — और वह फ़ैसला किस गिनती पर टिका है, यह भी साफ़ लिखा जाता है।
हिसाब कैसे होता है
राहु और केतु हमेशा एक दूसरे से ठीक 180° पर होते हैं — वही राहु-केतु अक्ष है। उसके बाद बाकी सात ग्रह — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि — गिने जाते हैं कि वे अक्ष के एक ही तरफ़ हैं या बँट गए। सातों एक तरफ़ हों तो पूरा काल सर्प; कुछ इधर कुछ उधर हों तो वह आंशिक है, या बिल्कुल नहीं।
नतीजा कैसे पढ़ें
नतीजे में गिनती भी दी जाती है — सात में से कितने एक तरफ़ आए। आंशिक को पूरा बताना सबसे आम ग़लती है, और उसी से डर बेचा जाता है। यह योग कुंडली का एक हिस्सा है; जीवन का फ़ैसला नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
काल सर्प दोष है या योग?
परंपरा में इसे अक्सर “योग” कहा गया है। “दोष” शब्द बाद में आम हुआ। शब्द चाहे जो हो, जाँच वही है — सात ग्रह अक्ष के एक तरफ़ हैं या नहीं।
6 ग्रह एक तरफ़ हैं तो?
वह पूरा काल सर्प नहीं है। पन्ना उसे आंशिक बताता है और गिनती दिखाता है, ताकि आप खुद देख सकें कि कितना है।
क्या इसकी पूजा ज़रूरी है?
यह व्यक्तिगत फ़ैसला है। जाँच का नतीजा अपने आप किसी पूजा का आदेश नहीं है — और कोई भी जो तुरंत पूजा का दबाव बनाए, उससे सावधान रहना चाहिए।
