कल का राशिफल

कल के ग्रहों की स्थिति अभी से नापी जा सकती है — खगोल गणित में कल कोई अनुमान नहीं है, वह उतना ही पक्का है जितना आज।

अपनी राशि चुनिए

Ye चंद्र राशि है — जन्म के समय चंद्र जिस राशि में था। पाश्चात्य पद्धति की सूर्य-राशि उससे अलग होती है। पता न हो तो फ्री कुंडली से निकाल लीजिए।

ऊपर से अपनी राशि चुनिए।

इस पाठ में कौन से ग्रह आते हैं

एक दिन के पाठ में पाँच तेज़ ग्रह आते हैं — चंद्र, सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल।

चंद्र सिर्फ़ यहीं मुख्य है। वह सवा दो दिन में राशि बदल देता है, इसलिए एक दिन के भीतर वही सबसे ज़्यादा फ़र्क़ डालता है — और इसी वजह से लंबी अवधि के पाठ में उसका कोई काम नहीं।

गुरु और शनि जान-बूझकर नहीं हैं। गुरु एक राशि में लगभग एक साल रहता है और शनि ढाई साल — उन्हें रोज़ के राशिफल में डालने का मतलब है साल भर वही एक बात दोहराना।

बारह राशि

अपनी राशि ऊपर चुनिए। शनि का दौर अलग से देखना हो तो हर राशि का अपना पन्ना है:

Aksar poochhe jaane wale sawaal

कल का राशिफल आज कैसे बताया जा सकता है?

क्योंकि ग्रहों की चाल का गणित पहले से पता है। खगोल विज्ञान में कल कोई अनुमान नहीं है — कल चंद्र किस राशि में होगा, यह उतना ही पक्का है जितना आज। यहाँ वही गणित चलता है, कोई भविष्यवाणी नहीं।

क्या कल का और आज का राशिफल अलग होगा?

लगभग हमेशा। चंद्र एक दिन में एक राशि से दूसरी में चला जाता है या उस तरफ़ बढ़ जाता है, इसलिए कल का पाठ आज से बदला हुआ मिलेगा। जिन दिनों चंद्र राशि नहीं बदलता, उन दिनों दोनों पाठ क़रीब रहते हैं — और वह भी सही है।

कितना आगे तक देखा जा सकता है?

गणित की कोई सीमा नहीं है, पर काम की सीमा है। तेज़ ग्रहों से बने पाठ की उम्र एक-दो दिन है। उससे आगे के लिए साप्ताहिक, मासिक या वार्षिक राशिफल देखिए — वे उन ग्रहों से बनते हैं जो उतनी देर टिकते हैं।

यह किस राशि के हिसाब से है?

चंद्र राशि के। जन्म के समय चंद्र जिस राशि में था, वही वैदिक पद्धति में आपकी राशि है।

अपनी असली कुंडली बनाइए आज का पंचांग