आज का चौघड़िया
चौघड़िया के नाम का क्रम हर वार पर बदलता है — इसीलिए एक ही सूची सारे दिनों पर नहीं चलती। यहाँ हर दिन का अपना क्रम भरोसे के साथ बनता है।
यह पन्ना क्या बताता है
यह दिन और रात का चौघड़िया दिखाता है — आठ-आठ खंड, हर एक का अपना नाम और स्वभाव। अमृत, शुभ और लाभ अच्छे माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचने की सलाह दी जाती है।
हिसाब कैसे होता है
दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ बराबर खंडों में बाँटा जाता है, और रात को सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक आठ में। अब सबसे ज़रूरी बात: खंडों के नाम का क्रम हर वार पर अलग होता है। सोमवार की सूची मंगलवार पर नहीं चलती। एक ही सूची सारे दिनों पर लगा देना सबसे आम ग़लती है — और उससे चौघड़िया का पूरा मतलब ही ख़त्म हो जाता है।
कैसे पढ़ें
खंड के साथ उसका समय भी दिया जाता है, और वह आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बना है — इसलिए शहर बदलने पर समय बदलेगा। चौघड़िया छोटे और तुरंत के काम के लिए है: यात्रा, ख़रीदारी, बात शुरू करना। विवाह या गृह प्रवेश जैसे निर्णय के लिए पूरा मुहूर्त देखा जाता है, सिर्फ़ चौघड़िया नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमृत चौघड़िया में हर काम हो सकता है?
परंपरा उसे सबसे अनुकूल मानती है, पर वह पूरे मुहूर्त की जगह नहीं लेता। बड़े काम के लिए तिथि, नक्षत्र और योग भी देखे जाते हैं।
रात का चौघड़िया अलग क्यों है?
क्योंकि उसका क्रम अलग है, और उसकी गिनती सूर्यास्त से शुरू होती है। दिन वाली सूची रात पर लगाना ग़लत नतीजा देगा।
दूसरी साइट से समय अलग क्यों आ रहा है?
ज़्यादातर तब जब शहर अलग हो — खंड सूर्योदय-सूर्यास्त से बनते हैं। अगर शहर भी वही हो, तो शायद वहाँ क्रम वार के हिसाब से नहीं बदला जा रहा।
सारा गणित इसी ब्राउज़र में होता है — आपका शहर और तारीख़ कहीं भेजी नहीं जाती। सूर्योदय और सूर्यास्त खगोल गणित से निकलते हैं; राहु काल, चौघड़िया और होरा उन्हीं पर टिके परंपरा के खंड हैं। यह जानकारी मार्गदर्शन के लिए है, किसी नतीजे का वादा नहीं।
