कार / बाइक मुहूर्त
वाहन के लिए कुछ परंपरा रविवार को भी ठीक मानती हैं, क्योंकि सूर्य गति और यात्रा का कारक है। यहाँ वह भी शामिल है, और यह बात लिखी भी गई है।
हर दिन के साथ “यह दिन क्यों चुना गया” खोल कर देखिए — उसमें हर नियम का नाम और उसका मान दिया है, ताकि आप इसे अपने पंचांग से मिला सकें। जो गणना जाँची न जा सके, वह भरोसे के लायक नहीं होती।
सारा हिसाब इसी ब्राउज़र में होता है — आपका शहर कहीं भेजा नहीं जाता।
यह पन्ना क्या बताता है
यह नई गाड़ी ख़रीदने — वाहन मुहूर्त — के शुभ दिन बताता है, आपके शहर के लिए, वजह के साथ।
दिन कैसे चुना जाता है
चौदह शुभ नक्षत्र माने गए हैं, जिनमें अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, धनिष्ठा और रेवती शामिल हैं। एक बात यहाँ दूसरे संस्कारों से अलग है: वार में रविवार भी लिया जाता है — सूर्य गति और यात्रा का कारक माना गया है, इसलिए वाहन के लिए वह अनुकूल है, जबकि विवाह या गृह प्रवेश के लिए नहीं।
नतीजा कैसे पढ़ें
दिन के साथ शुभ समय भी मिलता है — और गाड़ी के मामले में समय ज़्यादा काम का है, क्योंकि डिलीवरी का समय आप खुद चुन सकते हैं। रिक्ता तिथि और अमावस्या हट जाती हैं। चाहें तो गाड़ी का नंबर भी जाँच सकते हैं — वह अलग गणना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रविवार गाड़ी के लिए शुभ है?
इस सूची में हाँ। सूर्य को गति और यात्रा का कारक माना गया है। यही वार विवाह या गृह प्रवेश की सूची में नहीं आता — हर संस्कार के अपने वार होते हैं।
डिलीवरी का दिन और मुहूर्त अलग हो तो?
परंपरा उस दिन को देखती है जब गाड़ी पहली बार आपके हाथ आए। शोरूम से बात करके डिलीवरी शुभ दिन पर रखवा लेना आम बात है।
पुरानी गाड़ी के लिए भी मुहूर्त चाहिए?
रिवाज़ नए वाहन के लिए है, पर कई लोग पुरानी गाड़ी लेते वक़्त भी देखते हैं। जाँच दोनों के लिए एक जैसी है।
