लग्न कैलकुलेटर

लग्न हर ~2 घंटे में बदल जाता है — यानी पूरी कुंडली का ढाँचा इसी एक मान पर टिकता है। इसलिए इस calculator के लिए जन्म का समय ज़रूरी है।

ऊपर का फ़ॉर्म भर कर “हिसाब कीजिए” दबाइए।

यह कैलकुलेटर क्या बताता है

यह आपका लग्न निकालता है — वह राशि जो जन्म के क्षण पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही थी। पूरी कुंडली का ढाँचा इसी एक मान पर खड़ा होता है: लग्न बदला, तो हर ग्रह का भाव बदल जाता है।

हिसाब कैसे होता है

जन्म के समय और जगह से स्थानीय नक्षत्र-समय निकाला जाता है, फिर उसके और अक्षांश के मेल से वह बिंदु तय होता है जो उस क्षण उदित था। उसमें से लाहिड़ी अयनांश घटाया जाता है। लग्न करीब हर 2 घंटे में बदलता है — इसलिए जन्म का समय और जगह दोनों ज़रूरी हैं, सिर्फ़ तिथि काफ़ी नहीं।

नतीजा कैसे पढ़ें

लग्न की राशि का स्वामी ही आपकी कुंडली का लग्नेश है — पूरे पाठ में उसकी हालत सबसे ज़्यादा मायने रखती है। लग्न से ही बाकी 11 भाव गिने जाते हैं। यहाँ whole-sign (पराशरी) पद्धति लगती है, यानी लग्न की पूरी राशि पहला भाव है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लग्न और राशि में क्या अंतर है?

राशि चंद्रमा से बनती है, लग्न क्षितिज से। राशि 2¼ दिन में बदलती है, लग्न 2 घंटे में — इसलिए लग्न जन्म के समय पर कहीं ज़्यादा टिकता है।

समय 15 मिनट ग़लत हो तो?

अक्सर लग्न वही रहता है, पर संधि के पास हो तो बदल भी सकता है। अगर बदला, तो हर ग्रह का भाव बदल जाएगा — यानी पूरा पाठ बदल जाएगा।

जन्म की जगह क्यों ज़रूरी है?

क्योंकि उदित होने वाला बिंदु अक्षांश पर निर्भर करता है। एक ही समय पर दिल्ली और चेन्नई का लग्न अलग हो सकता है।


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