कल का पंचांग

आने वाले दिन का पूरा पंचांग — ताकि यात्रा, पूजा या कोई नया काम पहले से तय किया जा सके।

पंचांग बना रहे हैं…

यह पन्ना क्या बताता है

यह कल का पूरा पंचांग है — पाँचों अंग, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और होरा, आपके शहर के लिए। आज के पन्ने से फ़र्क सिर्फ़ तारीख़ का है।

हिसाब कैसे होता है

गणित वही है जो आज के पंचांग में चलता है: तिथि सूर्य-चंद्र के अंतर के 12° टुकड़ों से, नक्षत्र चंद्र की स्थिति से, योग दोनों के जोड़ से, करण तिथि के आधे से। सूर्योदय और सूर्यास्त अगले दिन के लिए निकाले जाते हैं, आपके शहर के अक्षांश-देशांतर पर — और उन्हीं पर राहु काल, चौघड़िया और होरा टिकते हैं।

कैसे पढ़ें

एक दिन पहले देखने का फ़ायदा यही है कि समय तय किया जा सके। ध्यान रखिए कि तिथि और नक्षत्र दिन के बीच बदल सकते हैं, इसलिए उनके साथ बदलने का समय भी दिया जाता है — “कल एकादशी है” कहना अक्सर अधूरा होता है; वह कब तक है, वह भी देखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कल का पंचांग आज से कितना अलग होगा?

सूर्योदय-सूर्यास्त में कुछ मिनट का फ़र्क, और तिथि/नक्षत्र अक्सर आगे बढ़े हुए। राहु काल का खंड वार बदलने से बदल जाता है — वह सबसे बड़ा फ़र्क होता है।

और आगे के दिनों का पंचांग?

पंचांग पन्ने पर तारीख़ खुद चुन सकते हैं — किसी भी दिन का।

कौनसा शहर चुनूँ?

वही जहाँ आप काम करेंगे, न कि जहाँ आप रहते हैं — अगर दोनों अलग हैं। समय सूर्योदय से बनते हैं, और वह जगह के साथ बदलता है।

सारा गणित इसी ब्राउज़र में होता है — आपका शहर और तारीख़ कहीं भेजी नहीं जाती। सूर्योदय और सूर्यास्त खगोल गणित से निकलते हैं; राहु काल, चौघड़िया और होरा उन्हीं पर टिके परंपरा के खंड हैं। यह जानकारी मार्गदर्शन के लिए है, किसी नतीजे का वादा नहीं।

अपनी फ्री कुंडली बनाइए ज्योतिषी से बात कीजिए