वास्तु नक्शा विश्लेषण — अपने घर के नक्शे पर
अपने घर या प्लॉट का नक्शा लीजिए। लेबल वाला नक्शा या PDF हो तो इंजन कमरे और दिशा ख़ुद पढ़ लेगा (आप जाँच कर ठीक कर सकते हैं); वरना सीमा, उत्तर और कमरे ख़ुद निशान कीजिए। इंजन हर कमरे की दिशा निकाल कर बताएगा कि परंपरा उस दिशा के बारे में क्या कहती है — और क्यों कहती है।
नक्शे से अपने आप भर दीजिए नया
अगर आपके नक्शे पर कमरों के नाम और N/S/E/W लिखे हैं, तो इंजन उन्हें पढ़ कर सीमा, उत्तर और कमरे ख़ुद भर देगा। पढ़ा हुआ पहले आपको दिखाएगा — आप ठीक करके आगे बढ़िए। नीचे का मैनुअल तरीक़ा वैसा ही है।
1. नक्शा लीजिए (वैकल्पिक)
नक्शा न हो तो भी चलेगा — नीचे सीधा एक चौकोर बना कर काम कर सकते हैं।
नक्शे के कोने पर टैप करके सीमा बनाइए (कम से कम 3 बिंदु), या “चौकोर” दबाइए।
2. उत्तर (North) कहाँ है?
0° का मतलब: नक्शे में ऊपर ही उत्तर है। फ़ोन का कंपास घर के अंदर लोहे और बिजली के कारण 5–15° तक ग़लत हो सकता है — इसी लिए नीचे नतीजे के साथ यह ग़लती की गुंजाइश लिखी जाती है, छुपाई नहीं जाती।
3. कमरे निशान कीजिए
कमरा चुनिए, फिर नक्शे पर उस कमरे के बीच में टैप कीजिए। इंजन खुद कमरे नहीं पहचानता — यह जान-बूझकर है: ग़लत पहचान पर ग़लत सलाह बनती है, और वास्तु की सलाह कभी-कभी तोड़-फोड़ तक जाती है।
4. जमीन और सड़क (वैकल्पिक)
ये दो चीज़ें नक्शे में दिखती नहीं, इसलिए पूछी जाती हैं। न बताएँ तो कोई नुकसान नहीं — इंजन उन्हें गिनता ही नहीं, अनुमान नहीं लगाता।
यह इंजन क्या नहीं करता
बाज़ार के वास्तु टूल एक 0–100 का स्कोर दे देते हैं पर यह नहीं बताते कि वह स्कोर बना कैसे। हम उल्टा करते हैं — पहले तरीका, फिर नतीजा। इस version में ये चीज़ें नहीं हैं:
- आयादि गणित
- नक्शे से कमरे अपने आप पहचानना
आयादि गणित के लिए प्लॉट की असली लंबाई-चौड़ाई चाहिए, और पिक्सल से वो निकलती नहीं — इसलिए उसका झूठा जवाब देने से बेहतर है उसे न देना।
जब ये जुड़े होंगे, तब लिखा जाएगा। जो अभी नहीं है, उसका दावा अभी नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मेरा नक्शा कहीं अपलोड होता है?
नहीं। इमेज आपके ब्राउज़र में ही रहती है और पूरा गणित वहीं होता है। पन्ना बंद करते ही सब मिट जाता है।
क्या इंजन ख़ुद कमरे पहचान लेता है?
PDF या लेबल वाला नक्शा दीजिए तो इंजन उसमें लिखे नाम और N/S/E/W पढ़ कर कमरे और दिशा ख़ुद भर देता है। पर वह पढ़ा हुआ पहले आपको दिखाया जाता है — जिस पर शक हो वह सबसे ऊपर, और जो पहचाना न गया वह बंद। जब तक आप सही न कहें, वास्तु का हिसाब शुरू नहीं होता। वजह वही पुरानी है: ग़लत पहचान पर दी गई सलाह तोड़-फोड़ तक जाती है।
Score kaise banta hai?
हर कमरे को उसकी दिशा के हिसाब से शुभ 1.0, ठीक 0.6, तटस्थ 0.5 या ध्यान 0.15 मिलता है। फिर हर कमरे का अपना भार लगता है — मुख्य द्वार और शौचालय 3, रसोई और शयन कक्ष 2.5, बाक़ी कम। कुल स्कोर में कमरे 70% और संरचना (ब्रह्मस्थान, मर्म, प्लॉट की आकृति, ढलान, सड़क) 30% होती है। ये सारे weights नतीजे के साथ दिखाए जाते हैं, छुपाए नहीं जाते।
Kya ye vaigyanik hai?
नहीं। वास्तु एक परंपरा है। ये नतीजे उस परंपरा के आम नियमों पर हैं, किसी वैज्ञानिक प्रमाण पर नहीं। कोई गारंटी नहीं दी जाती और तोड़-फोड़ की सलाह नहीं दी जाती।
