मुख्य द्वार की दिशा

नीचे का हर नियम हमारे अपने वास्तु इंजन से आया है — वही जो /vastu-naksha पर आपका नक़्शा जाँचता है। पन्ना और औज़ार दो अलग जवाब नहीं दे सकते।

सीधा जवाब
सबसे शुभ दिशा: उत्तर, पूर्व, ईशान (उत्तर-पूर्व)
ठीक: वायव्य (उत्तर-पश्चिम), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
ध्यान रखने वाली दिशाएँ: नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), दक्षिण, पश्चिम

यह नियम क्यों है

उत्तर और पूर्व से सुबह का प्रकाश और हवा आती है; परंपरा में द्वार उधर शुभ माना गया। दक्षिण-पश्चिम का द्वार मना नहीं है, पर उसमें ध्यान और संतुलन चाहिए।

हर दिशा का हिसाब

दिशानतीजातत्वग्रहस्वामी
उत्तरशुभजलबुधकुबेर
ईशान (उत्तर-पूर्व)शुभजलगुरुईशान
पूर्वशुभआकाशसूर्यइंद्र
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)ठीक हैअग्निशुक्रअग्नि
दक्षिणध्यान दीजिएपृथ्वीमंगलयम
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)ध्यान दीजिएपृथ्वीराहुनैऋत्य
पश्चिमध्यान दीजिएवायुशनिवरुण
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)ठीक हैवायुचंद्रवायु
ब्रह्मस्थान (मध्य)तटस्थ

हमारा तरीक़ा — पूरा खुला हुआ

  • परमशायिका 81-पद (9x9) · 45 देवता
  • बहुभुज का ज्यामितीय केंद्रक (shoelace विधि) — bounding box का मध्य नहीं
  • दो नाप साथ: (1) केंद्र के चारों ओर दायरा जिसका क्षेत्रफल कुल का 1/9, (2) मंडल का मध्य 3x3 (ब्रह्मा के 9 पद)। दोनों दिखाए जाते हैं।

इस कमरे का भार

हर कमरे का वज़न अलग है, और वह छिपाया नहीं जाता:

नतीजा: शुभ 1.0 | ठीक 0.6 | तटस्थ 0.5 | ध्यान 0.15। कमरे का भार: द्वार 3, शौचालय 3, रसोई 2.5, शयन 2.5, पूजा 2, भूमिगत जल 2, टंकी 1.5, सीढ़ी 1.5, बाकी 1। कुल स्कोर = कमरे 70% + संरचना 30%। कोई छुपा हुआ weight नहीं।

इस संस्करण में क्या नहीं है

  • आयादि गणित (असली लंबाई-चौड़ाई के बिना संभव नहीं)
  • नक्शे से अपने आप कमरे पहचानना (computer vision)

एक बात साफ़ कर दें

यह सामान्य नियम है, आपके घर का फ़ैसला नहीं। असली जवाब आपके नक़्शे, उत्तर की सही दिशा और कमरे की जगह पर निर्भर करता है — इसीलिए हमने पन्ना नहीं, औज़ार बनाया है। और कमरे आप ख़ुद निशान लगाते हैं, कंप्यूटर नहीं पहचानता: ग़लत पहचान पर ग़लत सलाह दीवार तोड़ने तक जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्य द्वार किस दिशा में होनी चाहिए?

सबसे शुभ दिशा उत्तर, पूर्व, ईशान (उत्तर-पूर्व) मानी गई है। उत्तर और पूर्व से सुबह का प्रकाश और हवा आती है; परंपरा में द्वार उधर शुभ माना गया। दक्षिण-पश्चिम का द्वार मना नहीं है, पर उसमें ध्यान और संतुलन चाहिए।

मुख्य द्वार किस दिशा में नहीं होनी चाहिए?

नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), दक्षिण, पश्चिम में रखने पर परंपरा सावधानी कहती है। यह वर्जित नहीं, ध्यान देने वाली बात है।

क्या यह मेरे घर पर भी लागू होगा?

यह सामान्य नियम है। असली नतीजा आपके नक़्शे, केंद्र और उत्तर की सही दिशा से निकलता है — वह /vastu-naksha पर मुफ़्त में जाँचा जा सकता है।

आख़िरी अद्यतन: 2026-09-07

दूसरे कमरों की दिशा