हमारा गणित NASA के ephemeris से मिलाया गया है
हर ज्योतिष वेबसाइट कहती है कि उसका गणित “सही” है। किसी ने यह नहीं बताया कि कितना सही, और किससे मिलाकर। यह पन्ना वही आँकड़े देता है — जो भी निकला, जैसा निकला।
क्या से क्या मिलाया गया
हमारी साइट का गणित ब्राउज़र में चलता है — VSOP87 (ग्रह) और ELP2000 (चंद्र) पर। ये खगोल-विज्ञान के माने हुए सिद्धांत हैं।
इन्हीं क्षणों का हिसाब अलग से NASA JPL के DE440s ephemeris से भी निकाला गया — वही फ़ाइल जो अंतरिक्ष यान की दिशा तय करने के लिए बनती है — NAIF SPICE kernels और IERS के पृथ्वी-घुमाव के आँकड़ों के साथ, एक अलग (Python) प्रोग्राम में।
दो बिल्कुल अलग रास्ते, एक ही सवाल: उस क्षण पर ग्रह कहाँ था?
परिणाम — 1 सितंबर 2026, 12:00 IST, दिल्ली
| ग्रह | अंतर |
|---|---|
| सूर्य | 0.7 arcsecond |
| चंद्र | 3.1 arcsecond |
| मंगल | 0.5 arcsecond |
| बुध | 2.4 arcsecond |
| गुरु | 1.9 arcsecond |
| शुक्र | 6.8 arcsecond |
| शनि | 9.9 arcsecond |
| नेपच्यून (सबसे बुरा) | 12.1 arcsecond |
इसका मतलब क्या है
एक नक्षत्र पाद 3 अंश 20 कला का होता है — यानी 12,000 arcsecond। सबसे बड़ा अंतर 12.1 arcsecond निकला।
इसकी तुलना में: अगर आपको अपना जन्म समय एक मिनट भी ग़लत याद है, तो चार्ट उससे 75 गुना ज़्यादा हिल जाता है। यानी — इस स्तर पर ephemeris बदलने का कोई फ़ायदा ही नहीं। सुधार की जगह आपके जन्म समय की पक्काई में है, गणित में नहीं।
समय की जाँच — 12 कठिन मामले
सिर्फ़ ग्रह की जगह काफ़ी नहीं। असली ग़लती अक्सर समय को UTC में बदलते वक़्त होती है। इसके लिए 12 जान-बूझकर टेढ़े मामले बनाए गए, और उनके सही जवाब पहले DE440s से निकाले गए। हमारा engine 12 में से 12 पर सही निकला — जिनमें ये शामिल हैं:
- कोलकाता, 1900 — जब भारत में standard time था ही नहीं; सही offset
+05:21:10 - दिल्ली, 1943 — युद्ध के समय का
+06:30 - काठमांडू —
+05:45का अधूरा घंटा - किरिबाती —
UTC+14, जहाँ तारीख़ ही आगे रहती है - और तीन ऐसे समय जो होते ही नहीं — engine उन्हें अब रोक देता है, चुपचाप कोई दूसरा क्षण मानकर चार्ट नहीं बनाता।
कई बड़े सार्वजनिक astrology API सिर्फ़ एक नंबर वाला UTC offset लेते हैं। ऐसे API में कोलकाता 1900 या दिल्ली 1943 डाला ही नहीं जा सकता — वे मामले उनके ढाँचे में आते ही नहीं।
हर कुंडली के साथ हिसाब भी मिलता है
निःशुल्क कुंडली के हर परिणाम के नीचे एक छोटा पैनल है — “यह गणना कैसे हुई”। उसमें वही चीज़ें लिखी होती हैं जो आम तौर पर कहीं नहीं मिलतीं: कौन-सा अयनांश और उसका ठीक मान, कौन-सी भाव पद्धति, आपके स्थानीय समय से निकला exact UTC क्षण, और ग्रह-गणित का स्रोत।
इसका फ़ायदा सीधा है: दो अलग वेबसाइटों के परिणाम अलग आएँ, तो आप देख सकते हैं कि अंतर convention का है या ग़लती का। बिना इन चीज़ों के वह अंतर समझा ही नहीं जा सकता।
और अब वह बात जो इस पन्ने को ईमानदार बनाती है
ऊपर जो कुछ भी लिखा है, वह सिर्फ़ इतना कहता है कि ग्रह की स्थिति ठीक निकाली गई है। वह यह नहीं कहता कि उस स्थिति का कोई बताया हुआ जीवन-परिणाम वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है।
ग्रह की जगह नापी जाती है। उसका अर्थ परंपरा से आता है। ये दो अलग चीज़ें हैं, और इन्हें मिलाना ही वह ग़लती है जो इस क्षेत्र में सबसे ज़्यादा होती है — precision दिखाकर भविष्यवाणी को विज्ञान बता देना।
इसी लिए हम arcsecond के आँकड़े तो दिखाते हैं, पर उनके साथ कोई गारंटी नहीं बेचते।
इसकी हद भी जान लीजिए
- DE440s kernel 1849 से 2150 तक ही चलता है। इससे पहले की तिथि के लिए हमारे पास मिलाने को कुछ है ही नहीं (और साइट ख़ुद 1900–2100 के बाहर कुंडली बनाती ही नहीं)।
- अयनांश mean लाहिरी है — J2000 पर 23.8531°, Meeus के precession polynomial से आगे-पीछे। यह एक convention है, कोई वैज्ञानिक रूप से तय की हुई संख्या नहीं।
- भाव whole sign हैं (राशि = भाव)। Placidus, भाव चलित वग़ैरह अभी नहीं।
- यह तुलना एक क्षण पर की गई है, हर क्षण पर नहीं। अलग तिथियों पर अंतर थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है — पर पाद के मुक़ाबले वह अब भी बहुत छोटा रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Arcsecond होता क्या है?
एक अंश (degree) का 1/3600 हिस्सा। पूरे आसमान में 360 अंश हैं। 12 arcsecond इतना छोटा है कि बिना दूरबीन के आँख उसे देख ही नहीं सकती।
तो क्या आपका गणित AstroSage या किसी और से बेहतर है?
यह हम नहीं कह सकते — हमने उनके परिणाम नहीं नापे। हमने अपने परिणाम NASA के आँकड़ों से मिलाए हैं, किसी प्रतिद्वंद्वी से नहीं। दो tools के परिणाम मिलाने के लिए पहले दोनों का अयनांश, भाव पद्धति और timezone का तरीक़ा पता होना चाहिए — और वही चीज़ अक्सर कहीं लिखी नहीं होती।
क्या इससे मेरी कुंडली का फल ज़्यादा सच हो जाता है?
नहीं। इससे सिर्फ़ इतना होता है कि आपकी कुंडली के आँकड़े सही हैं। उन आँकड़ों का अर्थ परंपरा से आता है, और उसके लिए यह पन्ना कोई दावा नहीं करता।
यह जाँच दोबारा की जा सकती है?
हाँ। Ephemeris (JPL DE440s), kernels (NAIF SPICE) और पृथ्वी-घुमाव के आँकड़े (IERS) सार्वजनिक हैं। क्षण, स्थान और अयनांश वही रखकर कोई भी यह तुलना ख़ुद कर सकता है।
