शुभ मुहूर्त
मुहूर्त का आधा हिस्सा समय का है — और राहु काल, चौघड़िया और अभिजित् तीनों सूर्योदय से नापे जाते हैं। दिल्ली और चेन्नई का सूर्योदय ~35 मिनट अलग है, इसलिए एक ही तय समय दोनों जगह सही नहीं हो सकता।
हर दिन के साथ “यह दिन क्यों चुना गया” खोल कर देखिए — उसमें हर नियम का नाम और उसका मान दिया है, ताकि आप इसे अपने पंचांग से मिला सकें। जो गणना जाँची न जा सके, वह भरोसे के लायक नहीं होती।
सारा हिसाब इसी ब्राउज़र में होता है — आपका शहर कहीं भेजा नहीं जाता।
यह पन्ना क्या बताता है
यह सारे संस्कारों के शुभ मुहूर्त एक जगह देता है — विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन और वाहन। हर दिन आपके शहर के लिए खुद जाँचा जाता है।
दिन कैसे चुना जाता है
ज़्यादातर वेबसाइट मुहूर्त की एक तय सूची छापती हैं — सब के लिए एक जैसी। वह ग़लत है, और वजह सीधी है: मुहूर्त का आधा हिस्सा समय का है, और समय जगह से बदलता है। राहु काल, चौघड़िया और अभिजित — तीनों सूर्योदय से नापे जाते हैं, और दिल्ली और चेन्नई का सूर्योदय करीब 35 मिनट अलग है। इसलिए यहाँ हर दिन को खुद जाँचा जाता है: तिथि, नक्षत्र, वार, भद्रा, खरमास, चातुर्मास, पंचक और गुरु-शुक्र का अस्त — और फिर उस दिन का शुभ समय उस शहर के सूर्योदय से निकाला जाता है।
नतीजा कैसे पढ़ें
हर दिन के साथ “यह दिन क्यों चुना गया” खोल कर देखिए — उसमें हर नियम का नाम और उसका मान दिया है। इससे आप इसे अपने पंचांग से मिला सकते हैं; जो गणना जाँची न जा सके, वह भरोसे के लायक नहीं होती। और एक बात साफ़: ये सामान्य शुभ दिन हैं। असली मुहूर्त में कुंडली, चंद्र की स्थिति और चंद्राष्टम भी देखा जाता है — वह बिना जन्म विवरण के हो ही नहीं सकता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यहाँ दिन कम क्यों दिखते हैं?
क्योंकि नियम कड़े रखे गए हैं। एक ग़लत दिन पर किसी का विवाह या गृह प्रवेश टिकता है — वहाँ “शायद ठीक है” कह देना सबसे बड़ा नुक़सान है। कम दिन दिखाना ज़्यादा दिखाने से बेहतर है।
दूसरी साइट ज़्यादा मुहूर्त दिखा रही है, क्या वह ग़लत है?
ज़रूरी नहीं ग़लत — पर शायद वह कम जाँच लगा रही है, या समय शहर से नहीं निकाल रही। यहाँ हर नियम का नाम दिया जाता है, इसलिए आप खुद मिला कर देख सकते हैं।
क्या इससे मुहूर्त पक्का हो जाता है?
नहीं। यह शुरुआत है, अंत नहीं। इन दिनों में से आपके लिए कौनसा सही है, वह आपकी कुंडली देखकर ही तय होता है।
