इष्ट देवता कैलकुलेटर

जैमिनी पद्धति में इष्ट देवता कारकांश से 12वें भाव से देखा जाता है। यहाँ पूरा रास्ता दिखाया गया है — आत्मकारक, उसकी नवांश राशि, और उससे 12वाँ — ताकि आप खुद मिला सकें।

ऊपर का फ़ॉर्म भर कर “हिसाब कीजिए” दबाइए।

यह कैलकुलेटर क्या बताता है

यह जैमिनी पद्धति से आपके इष्ट देवता का संकेत देता है — वह देवता जिनकी उपासना आपके लिए सबसे सहज कही जाती है। पूरा रास्ता दिखाया जाता है, सिर्फ़ नतीजा नहीं, ताकि आप खुद मिला सकें।

हिसाब कैसे होता है

पहले आत्मकारक निकलता है (डिग्री के क्रम से)। उसकी नवांश (D9) राशि को कारकांश कहते हैं। उस कारकांश से 12वाँ भाव देखा जाता है — उस भाव में जो ग्रह बैठा हो, वही इष्ट का संकेत देता है। अगर वहाँ कोई ग्रह न हो, तो उस राशि का स्वामी लिया जाता है।

नतीजा कैसे पढ़ें

पन्ने पर तीनों कदम अलग दिखते हैं — आत्मकारक, उसका कारकांश, और उससे 12वाँ। इसलिए आप गणना खुद जाँच सकते हैं। यह एक संकेत है, आदेश नहीं: परंपरा खुद कहती है कि जिस पर आपका मन सच में लगता है, वही आपका इष्ट है। यह इस नतीजे से मिलता हो तो अच्छा, न मिले तो बदलने की ज़रूरत नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इष्ट देवता बदला जा सकता है?

भक्ति किसी गणना की मोहताज नहीं है। यह कुंडली का एक संकेत है — अगर आप किसी और देवता से जुड़ा महसूस करते हैं, तो वह ग़लत नहीं है।

12वाँ भाव ही क्यों?

जैमिनी पद्धति में 12वाँ भाव मोक्ष और उस चीज़ का है जो पीछे छोड़ दी जाती है — इसलिए इष्ट का संबंध वहीं से देखा जाता है।

जन्म का समय कितना ज़रूरी है?

बहुत। कारकांश नवांश से बनता है, और नवांश हर 13 मिनट में बदल सकता है। समय ग़लत हो तो जवाब भी ग़लत होगा।


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