वृषभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती
साढ़ेसाती का हिसाब पूरी तरह गणित है। नीचे की हर तारीख़ शनि की असली स्थिति से गिनी गई है, किसी अनुमान से नहीं।
अगली साढ़ेसाती शुरू होगी 2 जून 2027 — 268 दिन बाद.
ख़त्म होगी 12 जुलाई 2034
जीवन भर की साढ़ेसाती
| शुरू | ख़त्म | अवधि |
|---|---|---|
| 17 अप्रैल 1998 | 26 मई 2005 | 7.1 साल |
| 2 जून 2027 | 12 जुलाई 2034 | 7.1 साल |
| 7 अप्रैल 2057 | 9 मई 2064 | 7.1 साल |
ढैया (छोटी पनौती) — यह साढ़ेसाती नहीं है
ढैया तब होती है जब शनि चंद्र राशि से 4थे या 8वें में हो। यह ढाई साल की होती है और साढ़ेसाती से अलग चीज़ है। लोग अक्सर इसे साढ़ेसाती समझकर घबरा जाते हैं।
| शुरू | ख़त्म |
|---|---|
| 27 अगस्त 2036 | 12 जुलाई 2039 |
| 7 दिसंबर 2046 | 4 दिसंबर 2049 |
शनि के राशि बदलने की आने वाली तारीख़ें
| तारीख़ | शनि |
|---|---|
| 2 जून 2027 | Meena (Pisces) → Mesha (Aries) |
| 20 अक्तूबर 2027 | Mesha (Aries) → Meena (Pisces) |
| 23 फ़रवरी 2028 | Meena (Pisces) → Mesha (Aries) |
| 8 अगस्त 2029 | Mesha (Aries) → Vrishabha (Taurus) |
| 5 अक्तूबर 2029 | Vrishabha (Taurus) → Mesha (Aries) |
| 17 अप्रैल 2030 | Mesha (Aries) → Vrishabha (Taurus) |
| 30 मई 2032 | Vrishabha (Taurus) → Mithuna (Gemini) |
| 12 जुलाई 2034 | Mithuna (Gemini) → Karka (Cancer) |
| 27 अगस्त 2036 | Karka (Cancer) → Simha (Leo) |
एक गिनती जो डर उतार देती है
शनि 30 साल में पूरा चक्कर लगाता है, इसलिए साढ़ेसाती हर व्यक्ति के जीवन में दो या तीन बार आती ही है। आपके माता-पिता इसे पार कर चुके हैं। और चूँकि यह 12 में से 3 राशियों पर एक साथ चलती है, इस वक़्त दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी इसमें है। यह किसी के साथ हो रही कोई ख़ास बात नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वृषभ राशि पर साढ़ेसाती कब ख़त्म होगी?
वृषभ राशि पर अभी साढ़ेसाती नहीं चल रही। अगली 2 जून 2027 को शुरू होकर 12 जुलाई 2034 को ख़त्म होगी।
वृषभ राशि पर साढ़ेसाती अभी चल रही है या नहीं?
नहीं। अगली 2 जून 2027 से शुरू होगी।
साढ़ेसाती साढ़े सात साल की ही क्यों होती है?
शनि एक राशि में लगभग ढाई साल रहता है और साढ़ेसाती तीन राशियों तक चलती है — 12वीं, चंद्र राशि, और 2री। ढाई का तीन गुना साढ़े सात है। वक्री होने पर यह थोड़ी लंबी भी हो सकती है।
क्या साढ़ेसाती हमेशा बुरी होती है?
शास्त्र इसे बुरा नहीं, भारी कहता है — ज़िम्मेदारी, धीमापन, और जो टाला गया था उसका सामना। हर व्यक्ति के जीवन में यह दो-तीन बार आती है, और उन्हीं सालों में लोग सबसे बड़े काम भी करते हैं।
ये तारीख़ें कहाँ से आईं
शनि का सायन देशांतर astronomy-engine (VSOP87) से निकाला जाता है, फिर लाहिड़ी अयनांश घटाकर निरयन राशि तय होती है। हर राशि-परिवर्तन बाइनरी सर्च से एक घंटे तक कसा जाता है, और वक्री लौटान भी गिनी जाती है। तारीख़ें UTC में हैं।
आख़िरी गणना: 2026-09-07
