गुरु का गोचर
गोचर यानी आज आकाश में ग्रह कहाँ है। नीचे की हर तारीख़ गणना से आई है, किसी पंचांग से नक़ल नहीं की गई।
इस राशि में 1 जून 2026 से · 98 दिन हो गए
राशि बदलेगा: 31 अक्तूबर 2026 → सिंह (Leo) (54 दिन बाद)
यह ग्रह क्या दिखाता है
गुरु एक राशि में लगभग एक साल रहता है, इसलिए गुरु गोचर सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला वार्षिक बदलाव है। परंपरा में इसे विस्तार, शिक्षा और सलाह से जोड़ा गया है। ध्यान रहे — गुरु का गोचर सबके लिए एक ही है; असर इस पर निर्भर करता है कि वह आपकी अपनी कुंडली के किस भाव में पड़ रहा है।
आगे की राशि-परिवर्तन तारीख़ें
| तारीख़ | जाएगा |
|---|---|
| 31 अक्तूबर 2026 | कर्क → सिंह |
| 24 जनवरी 2027 | सिंह → कर्क |
| 25 जून 2027 | कर्क → सिंह |
| 26 नवंबर 2027 | सिंह → कन्या |
| 28 फ़रवरी 2028 | कन्या → सिंह |
| 24 जुलाई 2028 | सिंह → कन्या |
| 26 दिसंबर 2028 | कन्या → तुला |
| 29 मार्च 2029 | तुला → कन्या |
| 24 अगस्त 2029 | कन्या → तुला |
| 24 जनवरी 2030 | तुला → वृश्चिक |
| 1 मई 2030 | वृश्चिक → तुला |
| 22 सितंबर 2030 | तुला → वृश्चिक |
| 17 फ़रवरी 2031 | वृश्चिक → धनु |
| 13 जून 2031 | धनु → वृश्चिक |
| 15 अक्तूबर 2031 | वृश्चिक → धनु |
| 5 मार्च 2032 | धनु → मकर |
| 12 अगस्त 2032 | मकर → धनु |
| 23 अक्तूबर 2032 | धनु → मकर |
| 17 मार्च 2033 | मकर → कुंभ |
| 28 मार्च 2034 | कुंभ → मीन |
| 6 अप्रैल 2035 | मीन → मेष |
| 14 अप्रैल 2036 | मेष → वृषभ |
| 9 सितंबर 2036 | वृषभ → मिथुन |
| 17 नवंबर 2036 | मिथुन → वृषभ |
| 26 अप्रैल 2037 | वृषभ → मिथुन |
| 16 सितंबर 2037 | मिथुन → कर्क |
| 17 जनवरी 2038 | कर्क → मिथुन |
| 11 मई 2038 | मिथुन → कर्क |
वक्री की खिड़कियाँ
| वक्री शुरू | सीधा |
|---|---|
| 13 दिसंबर 2026 | 13 अप्रैल 2027 |
| 12 जनवरी 2028 | 13 मई 2028 |
| 10 फ़रवरी 2029 | 13 जून 2029 |
| 13 मार्च 2030 | 15 जुलाई 2030 |
| 15 अप्रैल 2031 | 16 अगस्त 2031 |
| 19 मई 2032 | 17 सितंबर 2032 |
| 25 जून 2033 | 23 अक्तूबर 2033 |
| 3 अगस्त 2034 | 29 नवंबर 2034 |
| 9 सितंबर 2035 | 5 जनवरी 2036 |
| 14 अक्तूबर 2036 | 9 फ़रवरी 2037 |
| 16 नवंबर 2037 | 15 मार्च 2038 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गुरु अभी किस राशि में है?
गुरु इस समय कर्क (Cancer) में है, 1 जून 2026 से.
गुरु राशि कब बदलेगा?
गुरु 31 अक्तूबर 2026 को सिंह (Leo) में जाएगा — आज से 54 दिन बाद.
गुरु वक्री कब होगा?
अगली वक्री खिड़की 13 दिसंबर 2026 से 13 अप्रैल 2027 तक है.
ये तारीख़ें कहाँ से आईं
ग्रह का सायन देशांतर astronomy-engine (VSOP87) से निकलता है, फिर लाहिड़ी अयनांश घटाकर निरयन राशि तय होती है। हर परिवर्तन बाइनरी सर्च से एक घंटे तक कसा जाता है। राहु-केतु मध्य-नोड (Meeus अध्याय 47) से आते हैं। तारीख़ें UTC में हैं।
आख़िरी गणना: 2026-09-07
