राहु का गोचर
गोचर यानी आज आकाश में ग्रह कहाँ है। नीचे की हर तारीख़ गणना से आई है, किसी पंचांग से नक़ल नहीं की गई।
इस राशि में 18 मई 2025 से · 477 दिन हो गए
राशि बदलेगा: 5 दिसंबर 2026 → मकर (Capricorn) (89 दिन बाद)
यह हमेशा वक्री चलता है — यह इसका स्वभाव है, कोई घटना नहीं।
यह ग्रह क्या दिखाता है
राहु कोई पिंड नहीं है — यह चंद्रपथ और सूर्यपथ का कटाव बिंदु है, इसीलिए ग्रहण वहीं लगते हैं। यह हमेशा उल्टा चलता है और लगभग डेढ़ साल में राशि बदलता है, केतु से हमेशा ठीक 180° दूर।
आगे की राशि-परिवर्तन तारीख़ें
| तारीख़ | जाएगा |
|---|---|
| 5 दिसंबर 2026 | कुंभ → मकर |
| 23 जून 2028 | मकर → धनु |
| 11 जनवरी 2030 | धनु → वृश्चिक |
| 31 जुलाई 2031 | वृश्चिक → तुला |
| 16 फ़रवरी 2033 | तुला → कन्या |
| 5 सितंबर 2034 | कन्या → सिंह |
| 24 मार्च 2036 | सिंह → कर्क |
| 11 अक्तूबर 2037 | कर्क → मिथुन |
| 30 अप्रैल 2039 | मिथुन → वृषभ |
| 16 नवंबर 2040 | वृषभ → मेष |
| 6 जून 2042 | मेष → मीन |
| 24 दिसंबर 2043 | मीन → कुंभ |
| 12 जुलाई 2045 | कुंभ → मकर |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राहु अभी किस राशि में है?
राहु इस समय कुंभ (Aquarius) में है, 18 मई 2025 से.
राहु राशि कब बदलेगा?
राहु 5 दिसंबर 2026 को मकर (Capricorn) में जाएगा — आज से 89 दिन बाद.
राहु हमेशा वक्री क्यों रहता है?
राहु और केतु ग्रह नहीं, चंद्रपथ के कटाव बिंदु हैं, और वे बिंदु उल्टी दिशा में खिसकते हैं। यह इनका स्वभाव है, कोई घटना नहीं.
ये तारीख़ें कहाँ से आईं
ग्रह का सायन देशांतर astronomy-engine (VSOP87) से निकलता है, फिर लाहिड़ी अयनांश घटाकर निरयन राशि तय होती है। हर परिवर्तन बाइनरी सर्च से एक घंटे तक कसा जाता है। राहु-केतु मध्य-नोड (Meeus अध्याय 47) से आते हैं। तारीख़ें UTC में हैं।
आख़िरी गणना: 2026-09-07
