मांगलिक दोष कैसे चेक करें

यह जाँचना आसान है — और यही इसकी सबसे बड़ी समस्या है। क्योंकि जो चीज़ 30 सेकंड में पता चल जाती है, वह 30 सेकंड में किसी को डरा भी देती है। नीचे सही तरीका भी है, और वह बात भी जो अक्सर नहीं बताई जाती।

Manglik Dosh Kaise Check Kare
⚠️ एक गिनती जो सब कुछ बदल देती है: मांगलिक दोष तब माना जाता है जब मंगल 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो। कुंडली में बारह भाव होते हैं, और इनमें से पाँच इसे बनाते हैं। यानी सिर्फ़ गणित से ही लगभग 40% लोग मांगलिक होते हैं — भारत में करोड़ों। और उनमें से ज़्यादातर की शादियाँ ठीक चल रही हैं।

जो चीज़ चालीस प्रतिशत लोगों में हो, वह श्राप नहीं हो सकती।

चरण 1 — अपनी कुंडली में मंगल ढूँढिए

सबसे पहले देखिए कि मंगल किस भाव में बैठा है। आप यहाँ निःशुल्क कुंडली तुरंत बनाकर देख सकते हैं।

मंगल का भावपरंपरा का नाम
1ला (लग्न)मांगलिक
4थामांगलिक
7वाँमांगलिक
8वाँमांगलिक
12वाँमांगलिक
2, 3, 5, 6, 9, 10, 11नहीं

चरण 2 — किससे देखा जाए: लग्न, चंद्र या शुक्र

यहाँ परंपराएँ अलग हैं, और इसी वजह से दो ज्योतिषी दो जवाब दे देते हैं।

किससेकौन मानता है
लग्न सेसबसे आम तरीक़ा — लगभग सब
चंद्र सेकई परंपराएँ, ख़ास कर उत्तर भारत
शुक्र सेकुछ दक्षिण भारत की परंपराएँ

ईमानदार स्थिति: अगर तीनों से देखा जाए, तो लगभग हर दूसरी कुंडली किसी न किसी तरीक़े से “मांगलिक” निकल आएगी। इसलिए एक reading में एक ही तरीक़ा चुना जाता है — तीनों घोल कर नहीं।

चरण 3 — और यह सबसे ज़रूरी है

मंगल का भाव मिल गया, इसका मतलब काम पूरा नहीं हुआ। अब छूटें देखनी होती हैं।

जिन ग्रंथों में यह दोष लिखा है, उन्हीं में इसकी छह से ज़्यादा छूटें (परिहार) भी लिखी हैं — और वे लगभग हमेशा लग जाती हैं। वह पूरी सूची इस पन्ने पर है, और उससे पहले किसी को मांगलिक कह देना अधूरा सच है।

ख़ुद जाँचने की तीन आम ग़लतियाँ

ग़लतीनतीजा
अनुमानित जन्म समयलग्न बदल जाता है, और भाव भी
तीनों तरीक़े मिला देनाहर कोई मांगलिक निकल आता है
छूटें न देखनाऐसा दोष बता देना जो लगता ही नहीं
पहले जाँच, फिर कुछ और। ₹111 के एक 15-मिनट के सत्र में हमारे वरिष्ठ ज्योतिषी आपकी असली कुंडली देखकर साफ़ बताते हैं कि स्थिति है या नहीं, और अगर है तो कितनी — किसी उपाय या पूजा की बात से पहले।

आगे: छूटें (परिहार) — कब यह दोष लगता ही नहीं →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मांगलिक दोष कैसे पता करें?

अपनी कुंडली में देखिए कि मंगल 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में है या नहीं। अगर है, तो अगला ज़रूरी क़दम छूटें (परिहार) जाँचना है — उसके बिना जवाब अधूरा है।

लग्न से देखें या चंद्र से?

परंपराएँ अलग हैं। सबसे आम लग्न से है। ज़रूरी बात यह है कि एक reading में एक ही तरीक़ा चुना जाए — तीनों मिला देने पर लगभग हर कुंडली मांगलिक निकल आती है।

क्या सच में 40% लोग मांगलिक होते हैं?

हाँ, और यह गणित है: 12 भाव में से 5 इसे बनाते हैं। आप 50 कुंडली लेकर ख़ुद गिन सकते हैं — लगभग 20 निकलती हैं।

मांगलिक होने का मतलब शादी नहीं होगी?

नहीं। करोड़ों मांगलिक लोगों की शादियाँ ठीक चल रही हैं। और ज़्यादातर कुंडलियों पर कोई न कोई पारंपरिक छूट लग जाती है।